हिरमी – रावन: ग्राम सकलोर में शाला समिति के तत्वावधान में नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नए छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस गरिमामय आयोजन में मुख्य रूप से ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती ममता वेद प्रकाश वर्मा, उप सरपंच कौशल्या धूलेश धीवर (दीवार), प्रधान पाठक अंजनी पांडे, और प्रधान पाठक गजरी सोनवानी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक स्वाति दुबे एवं वर्मा सर का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर शाला समिति के सदस्यों के साथ-साथ गांव के प्रबुद्ध नागरिक ठाकुर राम साहू, आत्माराम वर्मा, अशोक वर्मा और धनेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक उपस्थित थे, जिन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सरपंच श्रीमती ममता वेद प्रकाश वर्मा का उद्बोधन मेँ कहा मंच पर उपस्थित सभी आदरणीय शिक्षकगण, ग्राम पंचायत के मेरे साथी जनप्रतिनिधि, गांव के सयाने, प्रबुद्ध नागरिकगण और मेरे प्यारे बच्चों… आप सभी को नए शैक्षणिक सत्र और शाला प्रवेश उत्सव की गाड़ा-गाड़ा बधाई और शुभकामनाएं! आज का दिन हमारे पूरे सकलोर गांव के लिए एक उत्सव का दिन है। जब हमारे घर का कोई बच्चा पहली बार स्कूल की दहलीज पर कदम रखता है, तो वह केवल एक स्कूल में प्रवेश नहीं कर रहा होता, बल्कि वह अपने सुनहरे भविष्य और हमारे गांव के विकास की नींव रख रहा होता है। आज जिन बच्चों का हमने तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया है, यही बच्चे कल का भविष्य हैं। मैं हमारे प्रधान पाठक अंजनी पांडे जी, गजरी सोनवानी जी, शिक्षक स्वाति दुबे जी और वर्मा सर की पूरी टीम को बधाई देती हूं, जिन्होंने इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। शिक्षकों का काम केवल किताबों से पढ़ाना नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर छुपी प्रतिभा को निखारना है। लेकिन इसके साथ ही, मैं स्कूल आए सभी माता-पिता और अभिभावकों से भी एक निवेदन करना चाहती हूं। बच्चों की शिक्षा केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती। स्कूल के बाद घर पर भी उन्हें कैसा माहौल मिल रहा है, यह देखना हमारी जिम्मेदारी है। आप रोज़ बच्चों से पूछें कि आज स्कूल में क्या सीखा। आपकी यही छोटी सी रुचि बच्चों के हौसले को दोगुना कर देगी। आज इस मंच से मैं विशेषकर अपनी बेटियों की शिक्षा पर जोर देना चाहूंगी। जब एक बेटा पढ़ता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी पढ़ती है तो पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियां शिक्षित होती हैं। हमारे गांव की कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहनी चाहिए, इसके लिए हमारी पंचायत हर संभव मदद के लिए तैयार है।एक सरपंच के नाते मैं आप सभी को विश्वास दिलाती हूं कि हमारे शाला परिसर में बच्चों को पढ़ाई, खेलकूद और बुनियादी सुविधाओं (जैसे साफ पानी, शौचालय और बेहतर बैठक व्यवस्था) की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पंचायत स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए हम लगातार प्रयासरत रहेंगे। अंत में, मैं सभी नव-प्रवेशी बच्चों को ढेर सारा प्यार और आशीष देती हूं। खूब पढ़ो, खूब खेलो और अपने माता-पिता के साथ-साथ इस सकलोर गांव का नाम पूरे प्रदेश में रोशन करो।







