रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी में पुलिसिंग को हाईटेक बनाने के लिए शनिवार (4 जुलाई 2026) को एक बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रायपुर कमिश्नरेट के 308 पुलिस विवेचकों (आईओ) को नए मोबाइल फोन बांटे हैं। इस पहल का सीधा मकसद नए कानूनों के तहत इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को बेहद सुरक्षित और तेजी से इकट्ठा करना है। रायपुर के 308 विवेचकों को मिले हाईटेक मोबाइल फोन्स। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने खुद बांटे मोबाइल उपकरण। डिजिटल सबूतों का तेजी से संकलन और सुरक्षित दस्तावेजीकरण होगा मुख्य लक्ष्य। ऐप्स और ई-साक्ष्य प्रोटोकॉल का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी और डेटा सुरक्षा के साथ करने की हिदायत। वैज्ञानिक और तकनीकी सबूतों से कोर्ट में पुलिस का पक्ष होगा और भी मजबूत.
क्यों खास है यह पहल?पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर उठाए गए इस कदम से अब जांच (विवेचना) के स्तर में भारी बदलाव आएगा। इन मोबाइल फोन्स के जरिए ऑन-फील्ड साक्ष्य जुटाने में निम्नलिखित बड़े फायदे होंगे. क्राइम सीन पर तुरंत फोटो, ऑडियो और वीडियो साक्ष्य रिकॉर्ड किए जा सकेंगे। सभी डिजिटल साक्ष्यों को सीधे तकनीकी प्लेटफॉर्म और तय ऐप्स से जोड़ा जाएगा। तकनीकी रूप से मजबूत जांच होने से मामलों को सुलझाने की रफ्तार दोगुनी होगी। वैज्ञानिक तरीकों से जुटाए गए सबूतों को अदालत में झुठलाना नामुमकिन होगा, जिससे दोषियों को सजा दिलाने में आसानी होगी। सुरक्षा और ट्रेनिंग का अगला चरण पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने साफ किया है कि इन उपकरणों का उपयोग बेहद सतर्कता और डेटा सुरक्षा के नियमों के तहत करना होगा। इस डिजिटल बदलाव को पूरी तरह सफल बनाने के लिए पुलिस महकमा जल्द ही विवेचकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र (ट्रेनिंग) शुरू करने जा रहा है। साथ ही, इन मोबाइलों के सही इस्तेमाल के लिए एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया जाएगा।






