तिल्दा-नेवरा: ग्राम पंचायत छतौद के कई शासकीय भवनों की जर्जर हालत ग्रामीणों, कर्मचारियों और बच्चों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र), आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 और प्राथमिक शाला की छत एवं दीवारों में जगह-जगह सीलन, टूट-फूट और पानी रिसने की समस्या बताई जा रही है।उप स्वास्थ्य केंद्र में छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। बताया गया कि डिलीवरी रूम में रखे पलंग के ऊपर भी बारिश के दौरान पानी गिरता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।वहीं आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 की छत से पानी टपकने और छत के हिस्से टूटकर गिरने की बात सामने आई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अनुसार भवन की मरम्मत के लिए करीब एक वर्ष से पंचायत को आवेदन और फोटो-वीडियो के माध्यम से जानकारी दी गई है। सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल आंगनबाड़ी का संचालन माहरा समाज भवन में किया जा रहा है।प्राथमिक शाला भवन की हालत भी खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दौरान कई स्थानों से पानी टपकता है और छत के हिस्से टूटकर गिरने की स्थिति बनी हुई है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवनों की समस्या को लेकर संबंधित विभाग और पंचायत को पूर्व में जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने लगाए गए कुछ आरोपों में यह भी कहा है कि जिम्मेदारों से संपर्क का प्रयास किया गया, हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है।ग्रामीणों एवं कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि तीनों भवनों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य जल्द शुरू किए जाएं, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। बड़ा सवाल:क्या प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है या जर्जर भवनों की समय रहते सुध ली जाएगी?










