तिल्दा-नेवरा: गणेशोत्सव के पावन अवसर पर सेतपाल नगर में आशीर्वाद गणेश उत्सव समिति द्वारा भव्य महाआरती एवं गंगा आरती का आयोजन किया गया। रात्रि 9 बजे आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान पूरा सेतपाल नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।आयोजन की विशेषता यह रही कि समिति द्वारा बनारस की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर गंगा आरती कराई गई। दीपों की रोशनी, आरती की भव्यता, मंत्रोच्चार और भगवान श्री गणेश के जयकारों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में हिस्सा लेकर भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त किया।पहली बार 51 किलो का सिंगल पीस मोतीचूर लड्डूमहाआरती के दौरान भगवान श्री गणेश को 51 किलो वजन का विशाल मोतीचूर का सिंगल पीस लड्डू विशेष रूप से तैयार कर भोग लगाया गया। समिति के अनुसार, तिल्दा-नेवरा में पहली बार 51 किलो के सिंगल पीस मोतीचूर लड्डू का भगवान गणेश को भोग लगाया गया, जो इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।विशाल लड्डू को देखने के लिए श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह नजर आया। इसके साथ ही भगवान श्री गणेश को 56 भोग भी अर्पित किए गए। पूजा-अर्चना एवं भोग के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई।पुष्प वर्षा से हुआ भव्य स्वागतआशीर्वाद गणेश उत्सव समिति सेतपाल नगर के अध्यक्ष निखिल वाधवा के नेतृत्व में आयोजित महाआरती के दौरान भगवान श्री गणेश पर पुष्प वर्षा की गई। महाआरती के समय पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी रही। जैसे ही आरती प्रारंभ हुई, श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान गणेश की आराधना की और गणपति बप्पा के जयकारे लगाए।समिति अध्यक्ष निखिल वाधवा ने कहा कि गणेशोत्सव के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक वातावरण का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। समिति द्वारा श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए महाआरती, गंगा आरती, पुष्प वर्षा और 56 भोग जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।महाप्रसाद के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़महाआरती एवं पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। 51 किलो के विशाल मोतीचूर लड्डू एवं 56 भोग का प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन के दौरान समिति के सदस्यों और युवाओं ने व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।भव्य महाआरती के साथ सेतपाल नगर में गणेशोत्सव का धार्मिक उल्लास और बढ़ गया। देर रात तक गणेश पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरा क्षेत्र “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से गूंजता रहा।






