रायपुर: साइबर ठगी के पीड़ितों को उनकी ठगी गई रकम जल्द वापस दिलाने और बैंक खातों पर लगे होल्ड, लियन एवं फ्रीज संबंधी शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण करने के लिए रायपुर पुलिस रेंज ने पहल तेज कर दी है।30 अक्टूबर को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज श्री अमरेश कुमार मिश्रा की उपस्थिति में GRM/MRM पोर्टल को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पुलिस अधिकारियों, साइबर नोडल अधिकारियों और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।कार्यशाला में सहायक पुलिस महानिरीक्षक, तकनीकी सेवाएं, पुलिस मुख्यालय श्री कवि गुप्ता ने पोर्टल की कार्यप्रणाली, आवश्यक दस्तावेजों और साइबर ठगी की रकम वापस कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।चार वर्षों में ₹5.49 करोड़ की रकम होल्डरायपुर रेंज के रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों के चार वर्षीय आंकड़ों के अनुसार साइबर अपराध के मामलों में कुल ₹5 करोड़ 49 लाख 12 हजार 932 रुपये की राशि होल्ड कराई गई है। वहीं, ₹1 करोड़ 76 लाख 79 हजार 73 रुपये की वापसी के लिए न्यायालयीन आदेश प्राप्त होने का विवरण दर्ज है।आईजी अमरेश कुमार मिश्रा ने निर्देश दिए कि न्यायालयीन आदेशों के पालन और पीड़ितों के बैंक खातों में वास्तविक राशि हस्तांतरण की नियमित निगरानी की जाए।निर्दोष खाताधारकों को परेशान न करने के निर्देशकार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया कि साइबर अपराध की जांच के दौरान बैंक खातों पर होल्ड, लियन और फ्रीज की कार्रवाई नियमानुसार हो। किसी निर्दोष खाताधारक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।इसके साथ ही GRM/MRM पोर्टल के माध्यम से शिकायतों की डिजिटल निगरानी, अधिकारियों की जवाबदेही और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।आईजी श्री अमरेश कुमार मिश्रा ने कहा कि साइबर अपराध के पीड़ितों को वास्तविक आर्थिक राहत दिलाना पुलिस की नागरिक-केंद्रित सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस और बैंकिंग संस्थाओं को आपसी समन्वय से धनराशि वापसी की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकनी होगी।







