तिल्दा नेवरा : समीपस्थ ग्राम ताराशिव में जय जगराता नव दुर्गोत्सव समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के द्वारा पावन श्रावण मास में शिव महापुराण कथा का साप्ताहिक आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम के प्रथम दिवस शिव माहात्म्य कथा में देवराज ब्राम्हण और शोभावति वेश्या के चरित्र कथा का वर्णन किया गया। व्यास पीठ से पंडित अशोक कृष्ण शर्मा (सगुनी वाले महाराज)जी ने बताया कि एक दिन देवराज स्नान करने तालाब पर गया जहां उसकी भेंट शोभावती नाम की सुंदर वेश्या से हुई। शोभावती ने देवराज को धनी समझ कर उससे प्रेम का नाटक किया और देवराज उस पर बुरी तरह मोहित हो गया। दोनों एक दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। देवराज अपना घर-द्वार, माता- पिता और कुल की मर्यादा छोड़कर शोभावती के साथ रहने लगा।वेश्या की इच्छाओं को पूरा करने के लिए उसने मदिरापान,चोरी और यहां तक की अपने ही माता-पिता और पत्नी तक की हत्या जैसे जघन्य पाप किया। सारा धन उस वेश्या पर लुटा दिया। जब सारा धन समाप्त हो गया तो शोभावती वैश्या ने उसे अपने पास से भगा दिया। दुखी होकर देवराज भटकते हुए शिव मंदिर(शिवालय) में शरण लिए जहां एक ब्राह्मण देवता शिव पुराण की कथा सुना रहे थे।शिव कथा का श्रवण करते हुए उनकी मृत्यु हो गई। शिव पुराण की कथा सुनने के कारण उसके सारे पाप नष्ट हो गए।फिर शिवदूत देवराज की आत्मा को कैलाश (शिवलोक) में ले गए।महराज जी ने मास शिवरात्रि व्रत की महिमा में सुधन वैश्य ने शिव पूजा कर कैसे धन धान्य समृद्धि को प्राप्त किया और अग्नि दत्त ब्राह्मण जो कर्म अनुसार ब्रह्म राक्षस हो गया था उसका भी कल्याण किया। शिव पुराण कथा आगामी 17 अगस्त तक प्रतिदिन शाम तीन बजे से बाजार चौक मानस भवन में होगा और इस कथा का लाइव प्रसारण राधा माधव सत्संग यु ट्यूब चैनल पर किया जा रहा है। प्रथम दिवस से ही शिव भक्त गण कथा का रसपान करने आ रहे हैं।







