Home Breaking तिल्दा नेवरा नगर पालिका में पीआईसी भंग और पुनर्गठन, डेढ़ साल में...

तिल्दा नेवरा नगर पालिका में पीआईसी भंग और पुनर्गठन, डेढ़ साल में दूसरी बार बदली नगर पालिका की कार्यकारिणी

12
0



तिल्दा-नेवरा: नगर पालिका की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। President-in-Council (PIC) का पुनर्गठन करते हुए पूर्व कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया। खास बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी अधिकांश पार्षदों और आम नागरिकों को बाद में मिली, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष के भीतर यह दूसरी बार है जब पीआईसी का भंग कर पुनर्गठन किया गया है। लगातार दूसरी बार कार्यकारिणी में बदलाव होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई पार्षदों का कहना है कि यदि पीआईसी में बदलाव करना आवश्यक था तो इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए थी, ताकि अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।हालांकि, छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 70(3) के अनुसार पीआईसी के सदस्य अध्यक्ष के “प्रसादपर्यंत” (During the Pleasure of the President) पद पर रहते हैं। इसका अर्थ है कि अध्यक्ष को पीआईसी का पुनर्गठन करने का अधिकार प्राप्त है। अधिनियम में सदस्य को हटाने से पहले अलग से कारण बताओ नोटिस देना अनिवार्य नहीं किया गया है। क्या चुने हुए जनप्रतिनिधि के ऊपर भरोसा नहीं रहा है जो पहले कार्यकारिणी के सदस्य थे या अब जो कार्यकारिणी में लिया गया है वह बेहतर कार्य करेंगेइसके बावजूद स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पुनर्गठन वैधानिक अधिकार के तहत किया गया, तो इसे पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। लगातार दूसरी बार हुए पुनर्गठन से यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या नगर पालिका की कार्यकारिणी में स्थिरता का अभाव है या इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण है।अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इस पुनर्गठन के पीछे क्या कारण बताते हैं और नई पीआईसी नगर विकास के कार्यों को किस प्रकार गति देती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here