रायपुर:छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और पंडवानी गायन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमिट पहचान दिलाने वाली देश की महान विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के कला जगत में शोक की लहर है। इस दुखद घड़ी में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ भाजपा छत्तीसगढ़ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति: अनुपम पालसांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि तीजन बाई एक विलक्षण प्रतिभा की धनी थीं। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी और अद्भुत प्रस्तुति शैली के बल पर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति एवं पंडवानी कला को देश-विदेश में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उनका पूरा जीवन भारतीय लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण व संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उनका जाना केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि समूचे देश के सांस्कृतिक जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। आने वाली पीढ़ियां उनकी कला और साधना से हमेशा प्रेरणा लेती रहेंगी।परिजनों और प्रशंसकों के लिए ढांढससांस्कृतिक प्रकोष्ठ भाजपा छत्तीसगढ़ की ओर से प्रदेश मीडिया प्रभारी निशु पाण्डेय द्वारा जारी इस प्रेस विज्ञप्ति में ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही, शोकाकुल परिजनों और देश-दुनिया में फैले उनके असंख्य प्रशंसकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।







