तिल्दा नेवरा के पास 15 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
तिल्दा नेवरा: नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले लगातार गर्माते जा रहे हैं। ताजा मामला तिल्दा नेवरा के पास स्थित ग्राम पंचायत कोहका से सामने आया है। यहाँ गौठान के पीछे लगभग 15 हजार वर्गफीट से अधिक शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन को भविष्य में अस्पताल निर्माण के लिए आरक्षित रखने की तैयारी की जा रही थी।
रसूखदारों के संरक्षण में खेल?
इतने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन घेरने की इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि आखिर किसके रसूख और संरक्षण के दम पर इतनी बड़ी शासकीय भूमि पर कब्जा करने का साहस किया जा रहा है।
पहले भी सामने आए हैं अतिक्रमण के मामले
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वार्ड क्रमांक 7 में अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए तीन अवैध दुकानों को हटाया गया था। इसके अलावा, कांग्रेस भवन के पीछे भी एक मकान निर्माण को लेकर लंबे समय से विवाद और शिकायतें चल रही हैं।
प्रशासनिक निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्य भले ही धीमी रफ्तार से चल रहे हों, लेकिन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे बेहद तेजी से हो रहे हैं। शहरी इलाके से लेकर ग्राम पंचायतों तक फैले इस नेटवर्क ने प्रशासनिक निगरानी और मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
अब कार्रवाई का इंतजार
कोहका के इस नए मामले के सामने आने के बाद अब देखना होगा कि राजस्व और स्थानीय प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। क्या जमीन की नापी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, या फिर मामला रसूखदारों के दबाव में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?








