तिल्दा-नेवरा: नगर पालिका क्षेत्र में शासकीय भूमि से जुड़े मामलों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 12 में पुरानी नगरपालिका के पीछे स्थित जमीन के मामले के बाद अब नगर पालिका से टैक्स रसीद कटवाकर कब्जा दर्शाने और प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ लेने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पहले नगर पालिका से टैक्स रसीद कटवाई गई, जिसके बाद राजस्व विभाग की प्रक्रिया के तहत पटवारी द्वारा बेहद कम समय में कब्जा संबंधी रिपोर्ट तैयार कर दी गई। आरोप है कि शासकीय भूमि पर एक ही दिन में कब्जा दर्शाया जाना कई सवाल पैदा करता है और इस पूरी प्रक्रिया में पटवारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।आरोप लगाने वालों का कहना है कि टैक्स रसीद और कब्जे के दस्तावेजों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ लेने का प्रयास किया गया, जबकि जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच किए बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाना चिंताजनक है।वहीं नगर पालिका कुछ चर्चित जनप्रतिनिधियो पर भी आरोप लगाए गए हैं कि उनके प्रभाव से ऐसे मामलों को आगे बढ़ाया जा रहा है और कथित रूप से ऐसी जमीनों को बेचने का कार्य किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, जिनकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।इसके अलावा वार्ड क्रमांक 17 में दुकान निर्माण और बिक्री से जुड़े मामले को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासकीय भूमि, टैक्स रसीद, कब्जा प्रमाण और निर्माण संबंधी सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जानी चाहिए।मामले में अब लोगों की नजर नगर पालिका प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रक्रिया नियमानुसार हुई है या इसमें किसी स्तर पर अनियमितता बरती गई है। संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने के बाद स्थिति और साफ हो सकेगी।






