तिल्दा-नेवरा : से लगे ग्राम पंचायत तुलसी नेवरा में अवैध रूप से बोर खनन किए जाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर द्वारा 30 जून तक बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद चोरी-छिपे चल रहे अवैध बोर खनन पर तहसीलदार ने राजस्व अमले के साथ दबिश देकर मशीन समेत वाहन को जब्त कर लिया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि प्रतिबंध आदेश के बावजूद कुछ लोगों द्वारा रात के अंधेरे में अवैध बोर खनन कराया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां एक स्थान पर बोर खनन कार्य जारी मिला। मौके पर बोर मशीन संचालित हो रही थी, जिसे तत्काल बंद कराते हुए मशीन एवं संबंधित वाहन को जब्त कर लिया गया। साथ ही संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।गौरतलब है कि जिले में लगातार गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 30 जून तक नए बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से बोर खुदाई कराई जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को भू-जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल ग्रामीण क्षेत्रों ही नहीं बल्कि तिल्दा-नेवरा शहर में भी देर रात तक अवैध बोर खनन का कार्य जारी रहता है। कई स्थानों पर रात के समय मशीनों की आवाज सुनाई देती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। लोगों का आरोप है कि शहर के अंदर भी खुलेआम नियमों की अनदेखी हो रही है, बावजूद इसके कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित दिखाई दे रही है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान जहां भी अवैध बोर खनन की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।







