तिल्दा-नेवरा: शनिवार शाम तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। अचानक मौसम बदलने के साथ चली तेज हवाओं और धूलभरी आंधी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में हालात ऐसे बन गए कि शहर के कई हिस्सों में पेड़, बिजली पोल और टीन शेड गिरने लगे। तूफान के बाद शहर का नजारा पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दिया।तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि सड़क किनारे खड़े बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े। कई स्थानों पर बिजली के पोल भी टूटकर गिर गए, जिससे शहर के अनेक हिस्सों में अंधेरा छा गया। मुख्य मार्गों सहित कॉलोनियों और मोहल्लों में आवागमन प्रभावित होता रहा।तूफान के दौरान लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिला। बाजार क्षेत्रों में अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। तेज हवाओं के कारण दुकानों के सामने लगे बैनर, होर्डिंग्स और टीन शेड उड़ गए। कई मकानों की छतों को भी नुकसान पहुंचा है।शहर के विभिन्न इलाकों में सड़कें पेड़ों और टूटे हुए बिजली पोलों से पट गईं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर दोपहिया वाहन भी गिर गए। आंधी के कारण वातावरण में धूल का गुबार छा गया और दृश्यता काफी कम हो गई।स्थानीय लोगों के मुताबिक मौसम अचानक बदलने से किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में तेज तूफान ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। कई लोग अपने घरों और दुकानों में ही दुबके रहे। शाम के समय आए इस तूफान ने शहर की रफ्तार थाम दी और आमजन देर रात तक भय और असुविधा के माहौल में रहे।तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में आए इस आंधी-तूफान को लेकर लोग इसे इस मौसम का सबसे तेज तूफान बता रहे हैं। जगह-जगह हुए नुकसान के चलते शहरभर में तूफान की चर्चा होती रही।







