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तिल्दा-नेवरा में ‘बारूद के ढेर’ पर बसी बस्तियां?, अवैध पटाखा गोदामों से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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नितिन कुमार जायसवाल तिल्दा-नेवरा : शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए तिल्दा-नेवरा के कई वार्डों में अवैध पटाखा गोदाम धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन गोदामों में सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है? जबकि आसपास घनी आबादी और संकरी गलियां किसी बड़े खतरे का साफ संकेत दे रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शहर के एक प्रमुख वार्ड में बड़े पैमाने पर पटाखों का भंडारण किया जा रहा है, जहां तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचना लगभग असंभव है? संकरी गलियों में हालात इतने खराब हैं कि वहां से कार निकालना भी मुश्किल होता है, ऐसे में आग लगने की स्थिति में राहत-बचाव कार्य की कल्पना करना भी मुश्किल है।

लापरवाही की हद: नियमों को ताक पर रखकर भंडारण स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोदाम संचालक बिना किसी वैध अनुमति और सुरक्षा मानकों के खुलेआम पटाखों का स्टॉक कर रहे हैं? विस्फोटक पदार्थों के भंडारण के लिए तय नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। न तो अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था है और न ही आपातकालीन निकास का कोई इंतजाम।

जरा सी चूक पूरे इलाके को बड़े हादसे में झोंक सकती है। 6-7 गोदामों का नेटवर्क, कार्रवाई सिर्फ कागजों में सूत्र बताते हैं कि तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में करीब 6 से 7 पटाखा गोदाम सक्रिय हैं, जिनमें से अधिकांश अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं? बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की कार्रवाई कर मामले को दबा दिया जाता है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।कभी भी हो सकता है ‘बड़ा धमाका’विशेषज्ञों के अनुसार, घनी आबादी के बीच इस तरह पटाखों का भंडारण अत्यंत खतरनाक है। जरा सी चिंगारी पूरे इलाके को चपेट में ले सकती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई?अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन इन अवैध गोदामों पर कब सख्त कार्रवाई करेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार जागेंगे, या समय रहते इस ‘बारूद के खेल’ पर रोक लगेगी?फिलहाल तिल्दा-नेवरा के कई इलाके बारूद के ढेर पर बैठे हैं और प्रशासन की चुप्पी लोगों की चिंता को और बढ़ा रही है।

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