तिल्दा-नेवरा: तिल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत देवरी में सरपंच दिव्या वर्मा के खिलाफ पंचों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार को होने वाला मतदान ऐन वक्त पर रुक गया। मतदान की पूरी प्रशासनिक तैयारी ग्राम पंचायत में कर ली गई थी, लेकिन इसी बीच छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश आने से पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, देवरी ग्राम पंचायत में सरपंच दिव्या वर्मा के खिलाफ पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिस पर गुरुवार को मतदान निर्धारित था। पंचायत परिसर में मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। पंचायत सचिवालय से लेकर मतदान स्थल तक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई थीं और पंचों सहित ग्रामीणों की नजरें इस अहम प्रक्रिया पर टिकी थीं।
इसी दौरान हाईकोर्ट से आए आदेश ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। न्यायालय के निर्देश मिलते ही प्रशासन ने प्रस्ताव से जुड़ी समस्त प्रक्रिया को तत्काल रोकते हुए निरस्त घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि पूर्व में जारी नोटिसों को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए राहत दी, जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाला मतदान भी प्रभावहीन हो गया।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्राम पंचायत देवरी में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पंचायत परिसर के बाहर बैरिकेड्स लगाकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। सुबह से ही पंचायत भवन के आसपास ग्रामीणों और पंचों की आवाजाही बढ़ गई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद माहौल अचानक बदल गया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत और प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल सरपंच दिव्या वर्मा को बड़ी राहत मिली है, वहीं पंचों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







