संवाददाता महेश वाधवानी तिल्दा-नेवरा: नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा में बीते चार दिनों से छाया अंधेरा आखिरकार खत्म हो गया। शहर के सभी 22 वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों पर बंद पड़ी मरकरी स्ट्रीट लाइटें दोबारा शुरू हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में निर्णायक भूमिका नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष विकास सुखवानी की रही, जिनकी पहल के बाद नगर पालिका अमला हरकत में आया।जानकारी के अनुसार, पिछले चार दिनों से शहर के मुख्य मार्ग, चौक-चौराहे और सार्वजनिक स्थान पूरी तरह अंधेरे में डूबे हुए थे। इससे आम नागरिकों को रात के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और रोजाना काम से लौटने वाले लोगों के लिए आवागमन असुरक्षित हो गया था। कई स्थानों पर छोटे-मोटे हादसों की आशंका भी बनी हुई थी, वहीं असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने का खतरा भी बढ़ गया था।प्रशासन की उदासीनता आई सामनेसूत्रों के मुताबिक, इन चार दिनों के दौरान नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जाता रहा, लेकिन हर बार गोलमोल जवाब देकर मामले को टाल दिया गया। कहीं तकनीकी खराबी का हवाला दिया गया तो कहीं जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी गई। यहां तक कि आम नागरिकों द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।पूर्व उपाध्यक्ष ने संभाली कमानइसी बीच जब यह गंभीर समस्या पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विकास सुखवानी के संज्ञान में आई, तो उन्होंने बिना देर किए सीधे संबंधित विभाग और अधिकारियों से संपर्क साधा। उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए और व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने पर जोर दिया।






