तिल्दा-नेवरा: करीब पांच साल पहले सोनी अस्पताल के पीछे हुई दिल दहला देने वाली दुष्कर्म और हत्या के प्रयास की घटना में आखिरकार पीड़िता को न्याय मिल गया। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) विनय कुमार प्रधान की अदालत ने आरोपी बालकृष्ण जांगड़े को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल ₹1 लाख 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। 15 मार्च 2021 को हुई थी सनसनीखेज वारदात विगत 15 मार्च 2021 को सोनी अस्पताल के पीछे आरोपी ने महिला की हत्या करने की नीयत से उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उसकी जान तो बच गई, लेकिन घटना के बाद वह लंबे समय तक सदमे में रही।तत्कालीन थाना प्रभारी ने जुटाए थे अहम सबूत मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन तिल्दा-नेवरा थाना प्रभारी शरद चंद्रा ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की। सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और बालकृष्ण जांगड़े को गिरफ्तार किया गया।तत्कालीन थाना प्रभारी शरद चंद्रा एवं तत्कालीन एएसआई शंकर लाल वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच कर मजबूत साक्ष्य जुटाए और न्यायालय में प्रभावी केस तैयार किया। करीब 5 साल चली कानूनी लड़ाई, आखिर मिली जीत मामले में गवाहियों और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले पीड़िता को न्याय मिला। लंबे समय तक न्याय की लड़ाई लड़ने वाली पीड़िता और उसके परिजनों में फैसला आने के बाद खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया।अदालत ने आरोपी बालकृष्ण जांगड़े को आजीवन कारावास, जिसका अभिप्राय शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास होगा, तथा कुल ₹1.25 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने की पैरवी मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता टीसी कोसले एवं अभियोजन की ओर से विजयश्री बिसेन ने पैरवी की। शरद चंद्रा बोले—महिलाएं अपराध छिपाएं नहीं, पुलिस को तत्काल सूचना दें मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी शरद चंद्रा ने कहा कि महिलाओं के साथ इस तरह की घटना होने पर उन्हें बिना किसी डर के तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। ऐसे फैसलों से विशेषकर महिलाओं का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है।उन्होंने पीड़िता की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के घिनौने अपराधों को छिपाना नहीं चाहिए और अपराधियों को कानून के तहत सजा मिलनी ही चाहिए।






