हिरमी – हिरमी (बलौदाबाजार): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हिरमी मंडल हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा हिरमी परिक्षेत्र के ग्राम सकलोर में एक भव्य विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और हिंदुत्व की रक्षा व सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एकजुट होने का संकल्प लिया।भक्तिमय शुरुआत और वैचारिक विमर्श कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिवेणी महिला मानस मंडली द्वारा रामायण पाठ और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। सम्मेलन में वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और सनातनी संस्कृति के संरक्षण पर तीखे और प्रभावशाली विचार रखे। प्रमुख वक्ताओं के विचारसंदीप वर्मा (मुख्य वक्ता): युवा समाजसेवी संदीप वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ सबको अपना मानता है, लेकिन इसी भाईचारे के कारण आज वह स्वयं ‘चारा’ बनता जा रहा है। उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और मतांतरण जैसे मुद्दों पर प्रहार करते हुए कहा, “दुनिया को हरा या सफेद करने की चाह रखने वालों को याद रखना चाहिए कि भगवा ही सभी रंगों की जननी है।” उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू समाज को एक हाथ में शास्त्र और दूसरे हाथ में शस्त्र धारण कर शत्रुओं के षड्यंत्रों का जवाब देना होगा। श्रीमती हीरामणि दिवाकर (मातृशक्ति वक्ता): बालिका पंथी पार्टी की संचालिका ने गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को याद दिलाते हुए नशा मुक्ति और समानता पर जोर दिया। उन्होंने ईसाई मिशनरियों द्वारा इलाज और प्रलोभन के बहाने किए जा रहे मतांतरण पर गहरी चिंता जताई और समाज को अपनी संस्कृति पर गर्व करने की सीख दी। साध्वी अनंतेश्वरी दीदी: सदगुरु धाम सेवा आश्रम गोरखेड़ा से पहुंचीं साध्वी जी ने जनसंख्या असंतुलन को हिंदुओं के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ही हिंदुओं की एकमात्र शरणस्थली है। उन्होंने केंद्र सरकार से कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग हेतु दबाव बनाने का आग्रह किया। गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ठाकुर राम साहू रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सभापति डॉ. मोहन वर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सकलोर सरपंच श्रीमती ममता वेदप्रकाश वर्मा ने की। अन्य वक्ताओं में गजेंद्र वर्मा, श्रीमती कीर्ति वर्मा, विद्याभूषण पटेल, सुखनंदन चेलक,प्रेमलाल ध्रुव और केदार पटेल ने भी अपने विचार साझा किए।महाआरती के साथ समापनसम्मेलन में हिरमी, कुथरौद, सकलोर, परसवानी, बरडीह, मोहरा समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन प्राचार्य पीलूराम वर्मा ने किया। अंत में भारत माता की महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।







