रायपुर छत्तीसगढ़: सरकार में वित्तमंत्री ओ पी चौधरी ने राज्य की दूसरी वित्तीय बजट पेश किया है जिसका मॉडल उन्होंने गति आधारित रखा है जबकि पिछली बजट ज्ञान आधारित था. यह बजट केवल शब्दों का तानाबाना है इसमें किसानों, मजदूरों युवाओं, अंशकलिक स्कूल सफाई, विद्युत ठेका कर्मचारियों जैसे अनिनियमित कर्मचारियों क़ो नियमित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय बजट से गायब हो गया है. किसानों व मजदूरों के लिए पिछले बजट क़ो ही पूरनरावृत्ति की गई है. पिछला बजट गरीब, किसान, युवा और नारी आधारित था जो कभी पूरा हुआ नहीं और अब सुशासन आधारित निर्माण से विकास का मॉडल कहते हुए बजट पेश किया है इससे न ज्ञान पूरा हुआ और न ही गति मिलेगी.







