रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EWDFC) प्रोजेक्ट को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा आदेश जारी किया है। प्रशासन ने कॉरिडोर के रूट में आने वाले रायपुर और तिल्दा तहसील के 15 गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर, खाता विभाजन और डायवर्सन (व्यपवर्तन) पर आगामी आदेश तक पूरी तरह से अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
रायपुर में ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर के लिए 15 गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री पर लगी रोक
रायपु छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहां कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (EWDFC) परियोजना के लिए चिन्हित 15 गांवों की जमीनों पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
केंद्र सरकार ने बजट 2026 में डंकुनी और सूरत के बीच इस नए माल ढुलाई गलियारे (ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर) की घोषणा की थी।
यह कॉरिडोर रायपुर जिले की 2 तहसीलों (रायपुर और तिल्दा) से होकर गुजरेगा.
रायपुर तहसील के हथबंध, तेन्दुआ-1, गुमा, कारा, कुम्हारी, चिखली, मुरेठी, परसतराई, कूंरा और तिल्दा तहसील के सिलपटी, भुरसुंडा, तिल्दा, सिनोधा, खपरीकला, केसला शामिल हैं। इन सभी 15 गांवों की प्रभावित जमीनों की खरीदी, बिक्री, ट्रांसफर, खाता विभाजन और डायवर्सन पर आगामी आदेश तक पूरी तरह रोक लगा दी गई है।







