तिल्दा-नेवरा : नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा द्वारा चलाए जा रहे साफ-सफाई अभियान को लेकर शहर में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों और सूत्रों के हवाले से आरोप लगाए जा रहे हैं कि सफाई अभियान जमीनी स्तर पर प्रभावी न होकर केवल औपचारिकता और फोटो तक सीमित रह गया है।शहर के कई वार्डों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने, कचरे के ढेर लगे रहने और सड़कों पर धूल उड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि “धूल मुक्त तिल्दा-नेवरा” का दावा अभी हकीकत से काफी दूर है। वार्डों में सफाई व्यवस्था की स्थिति को लेकर नगरवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।इसी बीच, नगर पालिका अध्यक्ष पर भी विपक्षी स्वर तेज हो गए हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है और जनसमस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।वहीं, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लेमिक्षा गुरु डहरिया के कार्यकाल को कुछ नागरिक बेहतर बताते हुए वर्तमान व्यवस्था की तुलना कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले सफाई व्यवस्था अधिक व्यवस्थित थी।मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि सफाई अभियान की वास्तविक स्थिति और खर्चों की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन दावों पर नगर पालिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन आरोपों पर क्या सफाई देता है और शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।







