तिल्दा-नेवरा: J.B.पब्लिक स्कूल तिल्दा का किताब और फीस विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर राज्य स्तर तक पहुंचने की तैयारी में दिखाई दे रहा है। पालकों के बीच यह चर्चा तेज है कि यदि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो शिकायत सीधे शिक्षा मंत्री तक भेजी जाएगी।अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की ऊंचे राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक पकड़ होने की वजह से मामले में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर हैं।पालकों का कहना है कि किताबों को लेकर एक ही दुकान से खरीद का कथित दबाव, चुनिंदा पालकों के साथ फीस बढ़ोतरी बैठक और प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इसी कारण अब वे पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।स्थानीय शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि शिकायत मंत्री स्तर तक पहुंचती है, तो जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधन से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा जा सकता है। ऐसे में मामले की परतें और खुलने की संभावना जताई जा रही है।शहर में अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या स्कूल प्रबंधन की कथित पहुंच के चलते कार्रवाई रुकी हुई है, या शिक्षा विभाग जल्द सख्त कदम उठाकर पालकों को राहत देगा?फिलहाल पालकों ने संकेत दिए हैं कि यदि शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो वे दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ शिक्षा मंत्री, कलेक्टर और स्कूल शिक्षा विभाग को औपचारिक शिकायत भेजेंगे।यह मामला अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि निजी स्कूलों की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।






