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सोना नदी का हनन – इंसानी लालच से संकट में प्रकृति

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गौरेला पेंड्रा मरवाही: जिले की जीवन दायिनी सोना नदी इन दिनों अवैध रेत उत्खनन की मार झेल रही है। शिल्पाहरी और कोलबीरा पंचायत क्षेत्र में ट्रैक्टरों के माध्यम से दिन-रात रेत की लूट मची हुई है। यह अंधाधुंध दोहन न केवल नदी के अस्तित्व को संकट में डाल रहा है बल्कि खेती, भूजल और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है. प्रकृति का दोहन लगातार रेत निकासी से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। जलस्तर घटने और पानी का प्रवाह रुकने का खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे की मिट्टी कटने से खेत और पेड़-पौधे प्रभावित हो रहे हैं। अवैध कारोबार की बेलगाम रफ्तार ट्रैक्टरों से रात-दिन रेत ढुलाई जारी। जर्जर हो रहीं सड़कें, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा। शासन को करोड़ों का राजस्व नुकसान। प्रशासन पर उठ रहे सवालग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि मिलीभगत के चलते रेत माफिया बेखौफ काम कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगे। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सोना नदी और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।

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