तिल्दा-नेवरा: नगर पालिका परिषद में कथित फर्जी निर्माण कार्यों, अधूरे विकास कार्यों और करोड़ों रुपये के भुगतान घोटाले को लेकर शहर में जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। नगर के कई वार्डों में हुए निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और रहवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आरोप है कि एक चर्चित ठेकेदार द्वारा लगातार घटिया निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उसके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।जानकारी के अनुसार आगामी 18 मई को आयोजित “सुशासन तिहार” शिविर में इस पूरे मामले की विस्तृत शिकायत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे जाने की तैयारी चल रही है। शिकायत में निर्माण कार्यों में अनियमितता, फर्जी भुगतान, गुणवत्ता विहीन कार्य और अधिकारियों की कथित मिलीभगत जैसे गंभीर आरोप शामिल किए जाने की चर्चा है।वार्ड 13 से शुरू हुआ विवाद, अब वार्ड 11 और 03 तक पहुंचा मामलास्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त ठेकेदार पर इससे पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। वर्ष 2023 में वार्ड क्रमांक 13 में हुए नाली निर्माण कार्य में भी भारी अनियमितता और घटिया गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आया था। उस समय भी रहवासियों ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाए थे और जांच की मांग की थी।इसके बाद अब वार्ड क्रमांक 11 में हाल ही में बनी नाली को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। आरोप है कि निर्माण कार्य कुछ ही दिनों में कमजोर दिखाई देने लगा और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।इतना ही नहीं, विगत दिनों वार्ड क्रमांक 03 में नाली निर्माण कार्य में भी बड़े घोटाले की चर्चा सामने आई, जहां लोगों ने आरोप लगाया कि कार्य में भारी लापरवाही बरती गई और निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया। रहवासियों का कहना है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर जनता के पैसों का खुला दुरुपयोग हो रहा है।“किसका संरक्षण प्राप्त है ठेकेदार को?”नगर में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर लगातार विवादों और शिकायतों के बावजूद उक्त ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण ठेकेदार को संरक्षण मिल रहा है। यही वजह है कि एक के बाद एक शिकायतें सामने आने के बावजूद न तो जांच पूरी होती है और न ही किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाती है।नगरवासियों का कहना है कि यदि किसी छोटे ठेकेदार के खिलाफ शिकायत होती तो तत्काल कार्रवाई हो जाती, लेकिन यहां वर्षों से विवादों में रहने वाला ठेकेदार लगातार नए निर्माण कार्य प्राप्त कर रहा है। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।अधूरे कार्य, कागजों में पूर्णता और लाखों का भुगतानस्थानीय लोगों का आरोप है कि कई निर्माण कार्यों में बिना काम पूरा किए ही लाखों रुपये के बिल पास कर दिए गए। कुछ मामलों में तो केवल कागजों में पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार कर भुगतान निकालने की बात भी सामने आ रही है। कई वार्डों में सड़क, नाली, सीसी रोड और पेवर ब्लॉक जैसे कार्य या तो अधूरे हैं या फिर कुछ ही महीनों में टूट-फूट की स्थिति में पहुंच गए हैं।ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांगनगरवासियों और शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार की कार्यशैली और पूर्व निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही बार-बार घटिया निर्माण और अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए ठेकेदार को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए, ताकि भविष्य में जनता के पैसों का दुरुपयोग रोका जा सके।सूत्रों के मुताबिक सुशासन तिहार शिविर में प्रस्तुत होने वाली शिकायत के साथ संबंधित निर्माण कार्यों की सूची, भुगतान विवरण और मौके की तस्वीरें भी प्रशासन को सौंपी जाएंगी। अब पूरे नगर की निगाहें 18 मई पर टिकी हैं कि आखिर प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या वास्तव में फर्जी निर्माण कार्यों के इस कथित खेल पर कोई बड़ी कार्रवाई होती है या फिर मामला केवल शिकायतों तक सीमित रह जाएगा।







