तिल्दा नेवरा: के सिंधी कैंप में रविवार को हिंदुस्तान लीवर कंपनी की टीम की बड़ी छापेमार कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान पॉन्ड्स पाउडर समेत कई नामी ब्रांडों के नकली उत्पाद, डुप्लीकेट पेय पदार्थ, इंजन ऑयल, चावल और दाल का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।बताया जा रहा है कि सिंधी कैंप लंबे समय से नकली ब्रांडेड सामानों की सप्लाई का मुख्य अड्डा बना हुआ था। यहां से तिल्दा-नेवरा ही नहीं, आसपास के बाजारों तक डुप्लीकेट कॉस्मेटिक, कोल्ड ड्रिंक, इंजन ऑयल और खाद्य सामग्री खपाई जा रही थी। हिंदुस्तान लीवर की टीम की दबिश ने इस पूरे खेल की परतें खोल दी हैं।छापेमारी में पॉन्ड्स के नकली डिब्बों के ढेर, पेप्सी-कोक जैसी नकली बोतलें, डुप्लीकेट इंजन ऑयल के केन और बोरी भरकर रखी गई दाल-चावल जब्त किए गए। सूत्रों की मानें तो मसूर को अरहर और मशीनों से चावल पतला कर बेचने का खेल भी पहले कई बार उजागर हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अमले की ढिलाई से यह धंधा लगातार बढ़ता गया।सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर नकली सामानों का कारोबार आखिर प्रशासन की नजरों से कैसे बचा रहा? स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंधी कैंप में यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती रही।हिंदुस्तान लीवर की इस रेड के बाद अब खाद्य विभाग, और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अगर पहले सख्ती होती, तो जनता की सेहत और जेब से हो रही इस ठगी को रोका जा सकता था।तेज हेडलाइन:सिंधी कैंप में नकली सामान का साम्राज्य ध्वस्त, हिंदुस्तान लीवर की रेड में खुला करोड़ों का खेल







