नितिन कुमार जायसवाल तिल्दा-नेवरा: नगर में एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का बड़ा खेल सामने आने की चर्चा है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर के कुछ स्थानों पर अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की प्री-फिलिंग (टंकियों में गैस भरने) का काम किया जा रहा है और इसके बाद इन्हें बाजार में 1800 से 2000 रुपए तक के दामों में बेचा जा रहा है।सूत्रों के अनुसार शहर के एक गोदाम में 200 से अधिक गैस सिलेंडर बड़ी संख्या में जमा कर रखे गए हैं, जिनका उपयोग कालाबाजारी के लिए किया जा रहा है। बताया जाता है कि इन सिलेंडरों को होटल और रेस्टोरेंट में सप्लाई किया जा रहा है, जिससे अवैध कारोबारियों को दुगना मुनाफा मिल रहा है।हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले को लेकर खाद्य विभाग अब तक मौन नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की टीम समय-समय पर क्षेत्र में आती जरूर है, लेकिन अब तक किसी भी बड़े स्तर पर ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।विशेष सूत्रों का यह भी कहना है कि विभाग की एक महिला अधिकारी निरीक्षण के लिए आती हैं, लेकिन सिर्फ औपचारिक जांच कर अपना दबदबा दिखाकर चली जाती हैं, जबकि शहर में अवैध गैस कारोबार खुलेआम जारी है।गौरतलब है कि गैस सिलेंडरों की अवैध प्री-फिलिंग और कालाबाजारी न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है। इसके बावजूद शहर में यह कारोबार धड़ल्ले से चलने की चर्चा है।अब देखने वाली बात यह होगी कि खाद्य विभाग की मैडम इस मामले में सख्त कार्रवाई करती हैं या फिर केवल औपचारिकता पूरी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। शहरवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीर जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।







