अंधेरे में डूबा था तुलसी-नेवरा, गुस्साए ग्रामीणों ने किया दफ्तर का घेराव
तिल्दा-नेवरा: ग्राम तुलसी-नेवरा क्षेत्र में देर दोपहर से बिजली बंद रहने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घंटों इंतजार करने के बाद भी बिजली शुरू नहीं होने और विभाग की ओर से सही जानकारी नहीं मिलने पर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। देर रात बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्या लेकर नेवरा बिजली कार्यालय पहुंच गए।ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली बंद होने के बाद विभागीय जिम्मेदारों से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला। वहीं जब ग्रामीण शिकायत लेकर बिजली ऑफिस पहुंचे तो वहां भी कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं मिला, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बिजली विभाग के जेई अनिल वर्मा की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई बार नाराजगी सामने आ चुकी है। लोगों का आरोप है कि समस्या के समय जिम्मेदार अधिकारी से सहयोग नहीं मिल पाता और आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना था कि बिजली जैसी जरूरी सुविधा बंद होने पर विभाग को तत्काल जानकारी और समाधान देना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण लोगों को देर रात तक परेशान होना पड़ा। बिजली विभाग की ओर से समय पर जवाब नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में तिल्दा नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। उप निरीक्षक विकास देशमुख ने पुलिस पेट्रोलिंग टीम के साथ बिजली कार्यालय पहुंचकर मोर्चा संभाला।उप निरीक्षक विकास देशमुख ने आक्रोशित ग्रामीणों से शांतिपूर्वक बातचीत की, उनकी समस्या सुनी और समझाइश देकर माहौल को शांत कराया। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से देर रात एक बड़ा विवाद होने से टल गया।ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि ऐसी लापरवाही पर ध्यान दिया जाए, शिकायतों पर तुरंत जवाब दिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में आम लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।




