तिल्दा-नेवरा: भाजपा शासित तिल्दा-नेवरा नगर पालिका एक बार फिर भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। नगर में चर्चा है कि नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल में विकास कार्यों की जगह कथित भ्रष्टाचार का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। नाली निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोपों के बाद अब लाखों रुपए के स्क्रैप गायब होने का मामला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस नगर पालिका से शहर के विकास की उम्मीद थी, वहां अब भ्रष्टाचार की बदबू फैल रही है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका क्षेत्र में नाली निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों में भारी गड़बड़ी की गई, वहीं अब 25 लाख रुपए से अधिक के स्क्रैप और पुराने पानी टैंकरों के गायब होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
“स्क्रैप तक नहीं छोड़ा”नगर में लोग तंज कसते नजर आ रहे हैं कि “जब नाली निर्माण में खेल हो सकता है तो स्क्रैप कैसे बचता?” पुराने लोहे, पाइप, वाहन पार्ट्स और पानी टैंकरों के गायब होने को लेकर नगर पालिका प्रशासन पर सवालों की बौछार हो रही है। बताया जा रहा है कि देर शाम प्रशासन ने ऐसे ही एक निर्माण कार्य पर कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे नगर में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
“ऐसे होगा शहर का विकास?”स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर पालिका के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर ही भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के आरोप लग रहे हों, तब शहर के विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है। नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विपक्ष हमलावर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी नगर पालिका प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करती है, लेकिन तिल्दा-नेवरा नगर पालिका में लगातार सामने आ रहे मामलों ने इन दावों की पोल खोल दी है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और नगरवासियों को जवाब कब मिलता है।






