तिल्दा-नेवरा: तिल्दा-नेवरा से 6 कि.मी. पश्चिम में स्थित ग्राम गुजरा इन दिनों भक्तिमय माहौल में सराबोर है। यहाँ 20 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्रामीणों द्वारा भव्य श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में ग्राम सहित आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।व्यास पीठ से बही ज्ञान की गंगाव्यास पीठ पर विराजमान पं. श्री नितेश शर्मा ‘मृदुल’ (कोमाखान, जिला महासमुंद) अपनी सुमधुर वाणी से ज्ञान की धारा प्रवाहित कर रहे हैं। कथा के चौथे दिन महाराज जी ने ‘जड़भरत’ और ‘देवहुति’ के प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जड़भरत के नाम पर ही हमारे देश का नाम ‘भारत’ पड़ा।जीवन और मृत्यु का दर्शनकथा के दौरान महाराज जी ने जीवन के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “रामायण हमें जीवन जीना सिखाती है, जबकि भागवत कथा हमें सिखाती है कि जीवन जीने के पश्चात मृत्यु का वरण कैसे किया जाए।” कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रखा गया है।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मनआयोजन में भक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक छटा भी देखने को मिली। छोटे बच्चों द्वारा माँ काली की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे देख भक्त भाव-विभोर हो गए। वहीं रात्रि में बागबाहरा से पधारे कवि श्री हबीब खान ‘अमर’ ने गीतों, भजनों और गजल के माध्यम से माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान किया।सामुदायिक सौहार्द की मिसालकार्यक्रम का सफल संचालन पटवारी श्री रामशरण साहू द्वारा किया गया। ग्राम गुजरा के निवासियों ने आपसी एकता और कौमी एकता की मिसाल पेश करते हुए इस भव्य आयोजन को सफल बनाया है। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित करने में ‘गुजरा शीतल समिति’ के सदस्य— कुबेर चौहान, गोपी साहू, भुवन निषाद, भुवन साहू, झक्कन निषाद, सोहन वर्मा सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा।







