सकलोर में गायत्री प्रज्ञा पीठ के तत्वावधान में मनाई गई ‘आदर्श होली’, महिलाओं ने भी की होलिका दहन की पूजा
हिरमी – रावन: ग्राम पंचायत सकलोर में इस वर्ष होली का त्यौहार पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ-साथ एक नई सामाजिक पहल के रूप में मनाया गया। गायत्री प्रज्ञा पीठ सकलोर के मार्गदर्शन में आयोजित इस ‘आदर्श होली’ कार्यक्रम ने न केवल रंगों का उत्सव मनाया, बल्कि समाज में व्याप्त पुरानी रूढ़ियों को तोड़ने का संदेश भी दिया। भाईचारे और एकता का संदेश कार्यक्रम के दौरान सरपंच ममता वेदप्रकाश वर्मा ने सकलोर परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि होली प्रेम और भाईचारे का पर्व है। उन्होंने जोर दिया कि जब पूरा गांव मिल-जुलकर एक साथ त्यौहार मनाता है, तो गांव में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। इस वर्ष गांव के रंग-रोहन और साज-सज्जा में ग्रामीणों का विशेष उत्साह देखने को मिला। टूटी बरसों पुरानी परंपरा इस वर्ष की होली की सबसे खास बात महिलाओं की सहभागिता रही। गायत्री परिवार द्वारा बनाई गई विशेष योजना के तहत ‘आदर्श होली’ का आयोजन किया गया। पूर्व में महिलाएं होलिका दहन के स्थान पर नहीं जाती थीं, किंतु इस बार गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में महिलाओं और पुरुषों ने एक साथ मिलकर विधिवत पूजा-अर्चना की। सामूहिक रूप से होलिका दहन संपन्न कराया गया। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ त्यौहार की गरिमा को बढ़ाया गया। गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर गांव के प्रबुद्ध नागरिक और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपसरपंच: कौशल्या दूलेश धीवर गांव के मुखिया सनत सिंहा, राम जी वर्मा, ठाकुर राम साहू सहयोगी ग्रामीण खेदु राम वर्मा, आत्माराम वर्मा, राधे वर्मा, रामदेव यादव, ढलेश, अंजलि साहू, सुशीला साहू, गंगोत्री साहू, रानी यादव एवं अन्य ग्रामीणजन उपस्थित थे। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी और गांव की सुख-समृद्धि की कामना की।







