
हिरमी – रावन (बलौदाबाजार): अखिल विश्व गायत्री परिवार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांति कुंज (हरिद्वार) द्वारा आयोजित ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा’ में ज्ञानोदय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हिरमी के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। बुधवार, 18 फरवरी 2026 को विद्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रयास भारतीय संस्कृति का ज्ञान युगों-युगों से संपूर्ण विश्व को आलोकित करता रहा है। परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माताजी की पुरातन भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान की संकल्पना को साकार करने हेतु यह परीक्षा आयोजित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी महान ज्ञान परंपरा, नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है।पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साहपूर्ण रहा।प्राचार्य श्री पी. आर. वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह परीक्षा मात्र अंकों का खेल नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और नैतिक जागरण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों को भारतीय मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित कियाl परीक्षा प्रभारी इन्दूरानी वर्मा ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर भागीदारी से ही आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होता है।उपस्थिति: इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विजेता साथियों का उत्साहवर्धन किया।”भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी अपनी जड़ों से जुड़ रहे हैं, जो आज के समय में सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।”







