
हिरमी – रावन: स्थानीय गायत्री प्रज्ञा पीठ हिरमी में बसंत पंचमी के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। अखिल विश्व गायत्री परिवार के ‘अखंड दीप शताब्दी वर्ष’ एवं परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। भजन-कीर्तन और कलश यात्रा से गूंजा परिसर कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में माताएं, बहनें और परिजन सम्मिलित हुए। कीर्तन मंडली के भक्तिमय गीतों और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा के पश्चात मुख्य पुजारी श्यामसुन्दर जी द्वारा गायत्री माता, परम पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीया माता जी की देव स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न की गई। दीपों की रोशनी से जगमगाया मंदिर: श्रीराम जन्म स्थापना का उत्साह शाम की वेला में आयोजित दीप यज्ञ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। श्री राम जन्म स्थापना दिवस के उल्लास और शताब्दी वर्ष की खुशी में पूरा मंदिर परिसर हजारों दीपों की लौ से जगमगा उठा। दीपों की इस पावन रोशनी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महाआरती के पश्चात उपस्थित जनसमुदाय के बीच प्रसाद वितरण किया गया। आज होगा 05 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ बसंत पंचमी के मुख्य पर्व पर आज ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का विशेष पूजन अर्चन किया जाएगा। इस अवसर पर 05 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन निर्धारित है, जिसमें पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी एवं वंदनीया माता जी के प्रेरक जीवन दर्शन पर प्रखर उद्बोधन दिया जाएगा। गायत्री परिवार हिरमी ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से आग्रह किया है कि वे इस पंचकुण्डीय महायज्ञ और बौद्धिक सत्र में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।







