Home Breaking आधी रात तक बैठे सुनते रहे कविता, आनंद में डूबे रहे श्रोता

आधी रात तक बैठे सुनते रहे कविता, आनंद में डूबे रहे श्रोता

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पेण्ड्रा : ग्राम बचरवार में आयोजित भव्य नवरात्रि पर्व के 52 वर्षों में प्रथम बार, विराट हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन ग्राम बचरवार के हरदेवलाल देवी चौरा प्रांगण में आयोजित हुआ। इस कवि सम्मेलन में राज्य सरकार द्वारा पं सुंदरलाल शर्मा सम्मान प्राप्त, “नंदा जाहि का रे” कविता के माध्यम से जन-जन में लोकप्रिय, छत्तीसगढ़ के रसखान मीर अली मीर जी रायपुर, हास्य का धमाका, वाह भाई वाह रियलिटी शो, टीवी फेम अमित दुबे झारसुगुडा़, बंसल न्यूज आईबीसी आदि चैनलों पर स्थान रखने वाले हास्य के लोकप्रिय कवि बालमुकुन्द श्रीवास एवं शरद यादव अक्स, श्रृंगार की मधुर कण्ठ सोमप्रभा तिवारी ‘नूर’ बिलासपुर तथा स्थानीय युवा कवि आशुतोष आनंद दुबे अपनी प्रस्तुति से सभी को आनंदित एवं मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासियों के साथ ही आस पास से कविता प्रेमी श्रोता उपस्थित रहे। सार्वजनिक नवदुर्गोत्सव समिति के आयोजन में कवि सम्मेलन का रंग देर रात तक चढ़ा रहा।

नंदा जाहि का रे…कवि सम्मेलन के मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ के रसखान, पं सुंदरलाल शर्मा सम्मान प्राप्त मीर अली मीर ने छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति पर गहरे चिंतन की कविता प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता का चित्रण किया। नवरात्रि पर्व पर छत्तीसगढ़ की महिमा का बखान करती हुई रचना छत्तीसगढ़ के मुकुट बिराजे डोंगरगढ़ बम्लाई कविता से मन मोह लिया। उन्होंने बेटी पर लिखा अपना भावुक गीत सुनाया तो प्रांगण में उपस्थित सभी माताएँ बहनें और श्रोतागण भावविभोर हो गये।

बस मुझे आपका हौसला चाहिए…स्थानीय युवा कवि आशुतोष आनंद दुबे ने पहली बार अपने गृहग्राम में कविता पाठ कर सभी को आनंदित किया। मूलतः बचरवार निवासी कवि आशुतोष कई कवि सम्मेलनों में सहभागिता करते हैं। किंतु प्रथम बार ग्राम बचरवार के मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में काव्यपाठ कर उन्होंने सभी का दिल जीत लिया। पंछियों को नया घोसला चाहिए, रंजिशें खत्म हो फैसला चाहिए, इस जमाने से नफरत मिटा मैं सकूँ, बस मुझे आपका हौसला चाहिए.. पंक्तियाँ पढ़कर सभी को रोमांचित कर दिया। उन्हें अपने स्थानीय लोगों से खूब सराहना मिली।

श्रृंगार के गीतों में डूबे रहे लोग… मंच पर उपस्थित श्रृंगार की एकमात्र कवयित्री सोमप्रभा तिवारी नूर ने अपने मधुर कण्ठ और भावपूर्ण रचना से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरस्वती वंदना और अपने गीतों से उन्होंने समाँ बाँध दिया। मैं धूलि वृंदावन वाली, तुम मेरे घनश्याम प्रिये रचना ने सभी का मन छू लिया।

कवियों ने हँसा हँसाकर लोट पोट कर दिया… हास्य कवि सम्मेलन में देश के बड़े हास्य कवि अमित दुबे ने संचालन का भार सम्हालते हुए उम्दा संचालन से पूरे प्रांगण को आनंद से भर दिया। पूरा प्रांगण हँसी से लोटपोट होता रहा। काव्यपाठ के दौरान श्रोता पेट पकड़कर ठहाके लगाते नजर आये।साथ ही शरद यादव अक्स और बालमुकुंद श्रीवास ने अपने हास्य व्यंग्य और रचनाओं से सभी को खूब गुदगुदाया। साथ ही गंभीर संदेश भी श्रोताओं के बीच छोड़कर गये।

कविता और साहित्य के लिए निरंतर कर रहे प्रयास…साहित्य और कविता को क्षेत्र में जीवंत रखने और प्रचार प्रसार की दृष्टि से विगत 12 वर्षों से कार्य कर रहे आशुतोष के प्रयासों से कवि सम्मेलन का आयोजन बचरवार के नवरात्रि पर्व के 52 वर्षों में पहली बार आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में ग्राम के नवदुर्गोत्सव समिति के समस्त पदाधिकारी, सक्रिय कार्यकर्ता, सहयोगी तथा ग्रामवासियों का भरपूर सहयोग रहा। रात्रि एक बजे तक सैकड़ों की संख्या में लोग कवियों को सुनने उत्सुक्ता से डटे रहे। इस सफल आयोजन के लिए युवा कवि आशुतोष से समिति के सभी सदस्यों तथा ग्रामवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया तथा धन्यवाद दिया। बचरवार ग्राम सहित आसपास के गावों तथा शहरों में इस अनूठे आयोजन की खूब चर्चा रही।

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