तिल्दा नेवरा: समीपस्थ ग्राम ताराशिव में 2 फरवरी को मड़ई मेला का आयोजन किया गया। जिसमें ताराशिव के ग्रामीणों के अलावा आसपास के ग्रामीण जन भी काफी संख्या में उपस्थित हुए। उल्लेखनीय है की मड़ाई मेला छत्तीसगढ़ का पारंपरिक उत्सव है।
छत्तीसगढ़ में मेला को मिला से व्याख्या किया जाता है। मिला अर्थात एक दूसरे के मित्रों और सगे संबंधियों का मिलन होता है। जिसको मेला का रूप दिया गया है ।वर्तमान परिदृश्य में मेला एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है। मेला आपसी सौहार्द बढ़ाने का एक माध्यम है जिसके द्वारा भाईचारा स्नेह और अपनापन लोगों में गहराई के साथ पनपता है।इस दिन यादव परिवारों द्वारा अपने कुलदेवी और देवताओं का पूजा अर्चना किया जाता है।

इस दिन यादव बंधुओ द्वारा मड़ई के रूप में बास के बड़ी सी झांकी को सजाकर पूजा अर्चन किया जाता है। इस अवसर पर इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य राजू शर्मा ने अपने उद्बोधन में मेला पर विशेष प्रकाश डालते हुए बताया कि मेला प्रेम ,सौहार्द, रिश्तो में अपनापन का भाव जागृत करने का एक माध्यम है ।मेला में दूर-दूर से लोग अपने परिचितों से मिलने के लिए आते हैं। और खुशियों भरी वातावरण में मेला का आनंद लेते हैं।
कार्यक्रम को सरपंच ग्राम पंचायत ताराशिव मनीष कुमार वर्मा ने भी संबोधित किया इस अवसर पर भुलऊ राम वर्मा पूर्व सरपंच श्रीमती केसरी वर्मा उप सरपंच, रामाधार वर्मा, संतराम वर्मा, पवन यादव, सुखी राम, रामचंद्र तिवारी ,हेमलाल सेन, संतोष यादव, गोपाल नायक सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित है।








