हिरमी-रावन: अखिल विश्व ब्रह्माण्ड नायक और जगत जननी वेदमाता गायत्री की असीम अनुकम्पा से, गायत्री प्रज्ञा पीठ हिरमी में आयोजित नौ दिवसीय सामूहिक साधना का भव्य समापन शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को हुआ। आदिशक्ति माँ भवानी के नौ रूपों की आराधना और अखंड दीपक की साक्षी में चल रही इस विशेष साधना की पूर्णाहुति वेदमंत्रों और यज्ञीय ऊर्जा के साथ की गई। भक्ति और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ वातावरण सुबह 08 बजे से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में परिव्राजक श्री श्यामसुंदर जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘युग संगीत’ के भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। संगीत की मधुर लहरियों और गायत्री मंत्र की गूँज से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।श्रद्धालुओं ने दी आहुतियां इस अवसर पर ब्रह्मवादिनी बहनों और देवतुल्य भाइयों सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के परिजन एवं आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने यज्ञ भगवान को श्रद्धापूर्वक आहुतियां समर्पित कर लोक कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की दिलेश्वर मढरिया ने बताया कि इन नौ दिनों तक साधकों ने आत्म-परिष्कार और विश्व शांति के लिए विशेष अनुष्ठान किए। अखंड दीप की ज्योति ने न केवल मंदिर को आलोकित किया, बल्कि साधकों के भीतर ज्ञान और भक्ति का संचार भी किया। कार्यक्रम का समापन दोपहर 11 बजे शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।






