
तिल्दा-नेवरा: के कोयला रेक प्वाइंट क्षेत्र में मिले शव के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की पहचान हो चुकी है और उसके परिजन भी सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी हो गया है।गौरतलब है कि उक्त शव कोयला रेक प्वाइंट के पास रेल लाइन किनारे संदिग्ध अवस्था में मिला था। शव पर चोट के स्पष्ट निशान पाए गए थे, जिससे शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई जा रही थी। यह क्षेत्र 24 घंटे सक्रिय रहता है, जहां दिन-रात कोयले से भरी रेक गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है और बड़ी संख्या में मजदूर व कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटना का किसी को भनक तक न लगना कई तरह के सवाल खड़े करता है।मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का दावा किया है। सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में फुटेज देखे गए हैं और कई संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी स्वयं इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जांच टीम को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।इसके बावजूद एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच का नतीजा शून्य रहना, पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पा रही है, तो कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।मृतक के परिजन सामने आने के बाद मामले ने और भी तूल पकड़ लिया है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है और जांच की गति बेहद धीमी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह मामला केवल साधारण हत्या नहीं, बल्कि किसी बड़े विवाद या रंजिश से जुड़ा हो सकता है? हालांकि पुलिस अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।शहरवासियों का कहना है कि पुलिस को इस मामले में विशेष टीम गठित कर तेजी से जांच करनी चाहिए, ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आ सके। साथ ही रेक प्वाइंट जैसे संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहचान स्पष्ट हो चुकी है, परिजन सामने हैं, सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा चुके हैं—तो आखिर आरोपी अब तक पकड़ से बाहर क्यों है? यह सवाल न केवल पुलिस की जांच पर, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यक्षमता पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।अब देखना यह होगा कि पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी कब सुलझा पाती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।









