
हिरमी – रावन : प्रदेश सरकार और केंद्र की योजनाओं के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। इसी कड़ी में, बलौदाबाजार जिले के ग्राम कुथरौद के निवासी रामनाथ कोसे को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। स्वरोजगार की नई राह जिला पंचायत के उद्योग एवं सहकारिता विभाग के सभापति डॉ. मोहन लाल वर्मा के विशेष मार्गदर्शन में रामनाथ कोसे (पिता: बिहास नारायण कोसे) को इस योजना के माध्यम से एक ‘फ़ोर्स’ वाहन उपलब्ध कराया गया है। अब रामनाथ इस वाहन का उपयोग व्यावसायिक रूप से कर अपनी जीविका चलाने में सक्षम होंगे। योजना और सहयोग की मुख्य बातें इस उपलब्धि पर डॉ. वर्मा ने योजना की बारीकियों और बैंक की भूमिका पर प्रकाश डाला: 35% सब्सिडी का लाभ: डॉ. वर्मा ने बताया कि PMEGP योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम शुरू करने पर शासन द्वारा 35 प्रतिशत की भारी सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो युवाओं के लिए एक बड़ा संबल है। बैंक की त्वरित भूमिका: उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक (SBI), हिरमी शाखा के प्रबंधक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बैंक के त्वरित सहयोग और आसान फाइनेंस प्रक्रिया के कारण ही हितग्राही को समय पर वाहन मिल सका। युवाओं से अपील हितग्राही रामनाथ को बधाई देते हुए डॉ. मोहन लाल वर्मा ने जिले के अन्य शिक्षित और उत्साही युवाओं का आह्वान किया है। उन्होंने अपील की है कि युवा केवल नौकरियों के पीछे न भागें, बल्कि शासन की इन जनहितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं का व्यवसाय स्थापित करें और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प में भागीदार बनें।







