
सुहेला: सत्य और अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय विद्यालय ज्ञानोदय शिशु मंदिर, सुहेला में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने बापू के आदर्शों को याद किया। बापू के योगदान का स्मरण कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर और नमन कर की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जामुन बंजारे ने छात्रों को संबोधित करते हुए गांधी जी के जीवन दर्शन और उनके महान कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य जी ने बताया कि किस तरह गांधी जी ने ‘अहिंसा परमो धर्म’ के मार्ग पर चलते हुए अंग्रेजों के विरुद्ध जन-आंदोलन खड़ा किया और भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे बापू के सादगी और सच्चाई के संदेश को अपने जीवन में उतारें। शिक्षिकाओं का उद्बोधन विद्यालय की सभी शिक्षिकाओं ने भी बापू के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की। शिक्षकों ने अपने-अपने उद्बोधन में गांधी जी के विभिन्न पहलुओं, जैसे स्वच्छता, स्वावलंबन और भाईचारे पर विचार साझा किए। छात्र-छात्राओं ने पूरे अनुशासन के साथ वक्ताओं की बातों को सुना और गांधी जी के बलिदान को समझा।गांधी जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे जो आज भी हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।”







