
हिरमी – रावन: अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में स्थानीय प्रज्ञा पीठ हिरमी में ‘बसंत पंचमी’ का पावन पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। युग ऋषि परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में आयोजित यह उत्सव अखंड दीप शताब्दी वर्ष और वंदनीया माताजी के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित रहा। मंच संचालन और ओजस्वी वाणी कार्यक्रम का सफल और प्रभावी मंच संचालन रामायण धीवर द्वारा किया गया। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी और प्रेरक प्रसंगों से पांडाल में उपस्थित श्रोताओं में नया उत्साह भर दिया। उनकी ऊर्जावान शैली ने परिजनों को तालियाँ बजाने और जयघोष करने के लिए निरंतर प्रेरित किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। यज्ञ और दीप यज्ञ की भव्यता देव संस्कृति विश्वविद्यालय (DSVV) हरिद्वार से पधारे विद्यार्थी अतुल पटेल, अदिति पाण्डेय, आस्था तिवारी एवं पुजारी श्यामसुंदर जी ने पूर्ण वैदिक विधि-विधान से 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ कुण्डों में आहुतियां डालने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। संध्या समय आयोजित दीप यज्ञ ने मंदिर परिसर को दीपावली जैसा स्वरूप दे दिया, जहाँ हजारों दीपों की लौ ने ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का संदेश दिया। विद्यार्थियों का संबोधन: देव संस्कृति विश्वविद्यालय के युवाओं ने गुरुदेव के ‘सप्त आंदोलनों’ और गायत्री परिवार की भावी कार्य योजनाओं पर विचार रखे। प्रेम लाल सिन्हा (वरिष्ठ कार्यकर्ता): उन्होंने अपने मार्मिक उद्बोधन में गुरुदेव के मिशन से जुड़ने को समय की मांग बताया। संगीत एवं विचार जगदीश साहू और सोनू फेकर ने गुरुदेव के क्रांतिकारी विचारों को श्रोताओं तक पहुचाया श्यासुन्दर संगीत के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आत्म निर्माण से युग निर्माण परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का उत्सव नहीं, बल्कि अंतःकरण में ज्ञान के प्रकाश के अवतरण का पर्व है। गुरुदेव का मूल मंत्र था— “अपना सुधार ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है।” इस आयोजन का लक्ष्य भी जन-जन में इसी चेतना को जागृत करना रहा। दिन भर चले इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का वितरण अबाध रूप से चलता रहा। प्रज्ञा पीठ हिरमी के कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास से यह आयोजन क्षेत्र के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।







