
हिरमी – रावन : स्थानीय शिक्षण संस्थान ज्ञानोदय हिरमी में ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का पावन पर्व ‘बसंत पंचमी’ अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के प्राचार्य पी.आर. वर्मा ने माँ सरस्वती के तैलचित्र पर पुष्प, श्रीफल अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया। पूजन के पश्चात विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य पी.आर. वर्मा ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि विद्या और विवेक के समन्वय से ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। अखंड दीप शताब्दी वर्ष 2026 पर चर्चा इस अवसर पर प्राचार्य जी ने अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में मनाये जा रहे ‘जन्म शताब्दी वर्ष’ और ‘अखंड दीप शताब्दी वर्ष 2026’ के विषय में भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने पूज्य गुरुदेव और वंदनीय माता जी के आदर्श जीवन और उनके लोक कल्याणकारी विचारों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया, जिससे विद्यार्थी आध्यात्मिक रूप से भी लाभान्वित हुए। ओजस्वी मंच संचालन कार्यक्रम का आकर्षण शिक्षिका शैल वर्मा का ओजस्वी और मधुर मंच संचालन रहा। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार और अपनी प्रभावी वाणी से पूरे वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। इस पावन पूजा अर्चना कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए। सभी ने माँ सरस्वती की आरती कर सुखद भविष्य की कामना की।







