
हिरमी रावन: जिले के भाटापारा-सुहेला से हिरमी मार्ग के निर्माण में बड़े पैमाने पर गुणवत्ता से समझौते और तकनीकी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिला पंचायत के उद्योग एवं सहकारिता समिति के सभापति डॉ. मोहन लाल वर्मा ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की राशि के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की मांग कि है विदित हो कि 14.47 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 9 करोड़ 59 लाख 87 हजार रुपये की लागत से ‘प्रमोद कंस्ट्रक्शन’ द्वारा किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, निर्माण स्थल पर तकनीकी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डॉ. वर्मा का आरोप है कि विभाग शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय ‘लीपा-पोती’ करने में जुटा है। गंभीर तकनीकी खामियां और भ्रष्टाचार के आरोप सभापति डॉ. मोहन लाल वर्मा ने निरीक्षण के दौरान पाई गई कई गंभीर कमियों को उजागर किया है: सीमेंट की मात्रा में कटौती: मानक के अनुसार प्रति क्यूबिक मीटर 7.5 बैग सीमेंट का उपयोग होना चाहिए, लेकिन मौके पर केवल 5 बैग सीमेंट ही डाला जा रहा है। मशीन क्षमता का फर्जीवाड़ा: PWD इंजीनियरों द्वारा मिक्सर मशीन की क्षमता 1.6 क्यूबिक मीटर बताकर गुमराह किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में कार्य पर लगे मशीन 2 क्यूबिक मीटर क्षमता की मशीन का उपयोग हो रहा है। बीट पर्ची का अभाव: कार्य स्थल पर बीट पर्ची (Batch Slip) का न निकलना सीधे तौर पर पारदर्शिता के अभाव और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। सरिया फिटिंग में लापरवाही: सीमेंट कंक्रीट रोड बनने के बाद किनारे पर ड्रिल करके छड़ (सरिया) डाली जा रही है। डॉ. वर्मा ने सवाल उठाया है कि क्या इस तरह “जुगाड़” से सड़क मजबूत हो पाएगी? साथ ही बीच में लगने वाले 20mm का सरिये नहीं डाला गया है। डॉ. मोहन लाल वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जब तक एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे कार्य की गुणवत्ता की रिपोर्ट पेश नहीं की जाती, तब तक ठेकेदार को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनता के पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






