
संवाददाता अंशु सोनी: आंदोलन में शामिल हुए हजारों कर्मचारी-अधिकारी, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापनपेण्ड्रा। विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा “मोदी की गारंटी” के नाम पर कर्मचारियों से किए गए वायदे पूरे न होने से नाराज़ होकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले जिलेभर के कर्मचारी-अधिकारी शुक्रवार, 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर ज्योतिपुर पेण्ड्रारोड में धरना-प्रदर्शन पर बैठे। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन पेण्ड्रारोड तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल को सौंपा गया।कर्मचारी नेताओं ने भाजपा सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2023 में “मोदी की गारंटी” के तहत कर्मचारियों की मांगों को घोषणापत्र में शामिल कर 100 दिन में पूरा करने का वादा किया गया था। लेकिन सरकार बने 700 दिन से अधिक हो चुके हैं और एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। यहां तक कि महंगाई भत्ता (डीए) भी केंद्र के समान देय तिथि से नहीं दिया जा रहा है।आंदोलनकारियों की चेतावनीकर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी 11 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो आगे चलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। साथ ही कहा कि जो भी सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाती है, उसका पतन निश्चित होता है। धरना-प्रदर्शन को प्रशासनिक अधिकारी संघ ने भी समर्थन दिया।कार्यक्रम का संचालनधरना-प्रदर्शन का संचालन अजय चौधरी ने किया। इस दौरान डॉ. संजय शर्मा (जिला संयोजक), सचिन तिवारी, केबी दीक्षित, कमाल खान, दिनेश राठौर, पीयूष गुप्ता, अरविंद सोनी, प्रकाश रैदास, राजकिशोर टंडन, कविता शर्मा, अजय सप्रे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी नेताओं और विभिन्न संघों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
प्रमुख मांगें (11 सूत्रीय ज्ञापन)कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें शामिल हैं –1. प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत। 2.वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खातों में समायोजित की जाए। 3.पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियों का निराकरण।4.चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 32 वर्ष) लागू।5. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान।6. नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति।7. प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू।8.अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करते हुए 10% सीलिंग समाप्त की जाए।9.अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस तक।10. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना एवं पंचायत सचिवों का शासकीयकरण।11. सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष और दैनिक वेतनभोगी/संविदा/अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण।धरना-प्रदर्शन में जिलेभर से विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी एवं पेंशनर बड़ी संख्या में शामिल हुए।







