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छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा भगवान बुढ़ादेव के नाम पर कांसे के दान में हुई अनियमितता/घोटाले की जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग

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छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा भगवान बुढ़ादेव के नाम पर कांसे के दान में हुई अनियमितता/घोटाले की जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग

कोरबा: जिले के छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के द्वारा कांसे की घोटाले में हुई अनियमितता एवं भगवान बुढ़ादेव के नाम पर मुर्ती बनाने की फर्जी कोशिश एवं फर्जी आदिवासी बनकर करने वालों का पर्दाफाश किया है।जिसमें छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना संगठन के द्वारा वर्ष 2023 के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल एवं प्रदेश संयोजक गिरधर साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष अजय यादव इनके द्वारा भगवान बुढ़ादेव की मुर्ती निर्माण के संबंध में रथ निर्माण कर रथ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के हर एक जिले, एवं हर एक गांव, मोहल्ला, कस्बों से कांसा दान के लिए आह्वान किया गया।जिसमें प्रदेश भर के हर एक श्रद्धालुओं द्वारा अपनी घर के किमती धातुओं एवं कांसा को भगवान बुढ़ादेव के मुरती निर्माण हेतु बढ़ चढ़के लोगों द्वारा दान में दिया।इन सभी एकत्रित किमती धातु एवं कांसा को बुढा तालाब के समीप इंडोर स्टेडियम रायपुर के अंदर प्रदर्शित कर भरी मंच के माध्यम से अमित बघेल द्वारा बताया गया कि कुल 34 टन कांसा एकत्रित हुआ है बतलाया गया। तथा इनके द्वारा अभी तक भगवान बुढादेव का निर्माण भी नहीं किया गया है। बीते दिनों मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से ज्ञात हुआ है,कि दुर्ग के मूर्तिकार के पास अमित बघेल द्वारा मात्र 12.5 टन कांसा ही मूर्तिकार को दिया गया है।इससे साफ जाहिर होता है कि 21.5 टन कांसा को इनके द्वारा बेचा गया है। सबसे बड़ी आश्चर्यचकित बात यह है कि इनके द्वारा छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अपने अध्यक्ष पद को त्याग कर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (एक राजनीतिक पार्टी) का निर्माण किया गया। छत्तीसगढ़ के भोले भाले आदिवासियों से कांसा इकट्ठा कर उन्हें बेचकर सारे रूपियों को अपने पार्टी में चुनाव लड़ने हेतु लगाया गया है। ऐसे धोखेबाज व्यक्ति के ऊपर तत्काल एफ आई आर कर गिरफ्तारी, दंडात्मक कार्यवाही की जाए।छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज आक्रोशित है ।देखने वाली बात यह है, कि सरकार ऐसे दोषी व्यक्तियों को संरक्षण देती है या फिर कार्यवाही करती है। आने वाले समय में यदि इस विषय पर सरकार तत्परता पूर्वक कार्यवाही नहीं करती है तो छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज एवं छत्तीसगढ़िया समाज रोड़ से सदन तक आंदोलन हेतु बाध्य होगी।

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