
न्यूज डेस्क दिल्ली: 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीज़ल वाहनों के खिलाफ हो रही सख्त कार्रवाई के चलते ट्रांसपोर्ट व्यवसायी पवनजीत सिंह सैनी को अपनी महज 45,000 किलोमीटर चली 88 लाख की मर्सिडीज़ कार सिर्फ 7.5 लाख रुपये में बेचनी पड़ी. यह कार 2010 में खरीदी गई थी और सैनी परिवार की भावनाओं से जुड़ी हुई थी. नियमों की वजह से मजबूरी में कार बेचने वाले सैनी ने सरकार से अपील की है कि यदि पुरानी गाड़ियों के इंजन और प्रदूषण स्तर मानकों पर खरे उतरते हैं, तो उन्हें कबाड़ मानने की बजाय चलने की अनुमति दी जानी चाहिए.







