बलौदाबाजार: जिले के ग्राम धनढनी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है।जिसमें मेसर्स न्यू विस्टा लिमिटेड ग्राम परसाभदेर, तहसील बलोदाबाजार, जिला बलौदा बाजारभाटापारा में परसाभदेर प्रस्तावित लाइमस्टोन खनन परियोजना उत्पादन क्षमता 0.60 MTPA खनन क्षेत्रफल 28.461 हेक्टेयर की पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोकसुनवाई का आयोजन किया गया जिसमें आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने भारी असंतोष जाहिर किया है और आयोजन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे जनसुनवाई में शामिल होने के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें ‘शराब पीए हो’ कहकर अपमानित किया गया और जनसुनवाई से दूर रखा गया।बताया जा रहा है कि जनसुनवाई महज एक घंटे के भीतर ही समाप्त कर दी गई। इस दौरान, अधिकांश ग्रामीणों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला। विरोध करने वालों को भीतर जाने से रोका गया और कुछ को जबरन वहां से भगाया गया।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सिर्फ उन्हीं लोगों को बोलने का मौका दिया गया, जो कंपनी के पक्ष में था इसके अलावा, जनसुनवाई की जगह को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। सुनवाई ग्राम परसाभदेर में होनी थी, लेकिन आयोजन धनढनी में किया गया, जो कि 8 किलोमीटर दूर है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमेंट प्लांट के नाम पर न तो कोई विकास कार्य हुआ है, न ही बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भारी वाहन गांव की तंग गलियों से गुजरते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को जान का खतरा बना रहता है।ब्लास्टिंग की वजह से कई घरों में दरारें आ चुकी हैं, और हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।ग्रामीणों की नाराज़गी और लगाए गए आरोप जनसुनवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और कंपनी इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और क्या ग्रामीणों की समस्याओं का कोई स्थायी समाधान निकलता है या नहीं।






