
हिरमी – रावन : हिरमी क्षेत्र के सकलोर गांव में आदर्श रामायण समिति की ओर से रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। ग्रामीणों का मानना है कि, ”इससे उनके गांव में सामाजिक एकता और सुख समृद्धि बनी हुई है. वहीं, युवा पीढ़ी को भी रामचरितमानस से ज्ञान की प्राप्ति हो रही है.” दरअसल ग्रामीणों की अनोखी राम भक्ति देखने को मिलता हैं रागरंग मानस पथिक के कथाकार चिंताराम जी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को कथा वाचन कार्यक्रमों में लेकर आएं। उनका कहना था कि इससे बच्चों में सम्मान की भावना विकसित होती है। पांचो दिन पंडाल में भक्तों की भारी भीड़ रही और वातावरण भक्तिमय रहा।युवाओं को धर्म ग्रंथ का ज्ञान होना चाहिएl उन्होंने कहा रामायण की सबसे बड़ी सीख है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की ही जीत होती है। जिस तरह माता सीता पर रावण ने बुरी नज़र डाली और अंत में भगवान राम ने रावण को पराजित कर सीता को वापस पा लिया। कहानी का सार है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली या बड़ी क्यों ना हो लेकिन अपनी अच्छी नीयत और गुणों के कारण सच्चाई की ही जीत होती है।गांव के सरपंच श्री मति ममता वेद प्रकाश वर्मा बताते हैं कि, ”इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को रामचरितमानस और मर्यादा पुरषोत्तम भगवान राम के आदर्शो और सिद्धांतों से परिचित करवाना है. मोबाइल के इस युग में युवा सही मार्ग पर चलें, यही इसका उद्देश्य है.” साहू समाज समाजसेवक ठाकुरराम साहू ने बताया कि, ”पहले सावन के महीने में अखंड रामायण का पाठ किया जाता था. लेकिन गांव में समृद्धि और सुख शांति के लिए प्रत्येक साल रामायण का अखंड पाठ करने का संकल्प लिया गया. इसके बाद से हर साल यहां के लोग रामचरित्र मानस का श्रवण करते हैं.’lग्राम पंचायत सकलोर में समस्त ग्रामवासियो सहयोग से काली मंदिर चौक में पंच दिवसीय रामायण का आयोजन किया गया जिसमें कुल 51 रामायण टोली ने राम कथा सुनाया जिसका आज 29.03.2025 को हवन पूजन सहस्त्र धारा स्नान किया गया जिसका मुख्य यजमान ठाकुर राम साहू, खेदूराम वर्मा, सनत सिन्हा, वामन साहू, विशंभर वर्मा,ममता वेद प्रकाश वर्मा सरपंच, कौशल्या दुलेश धीवर उपसरपंच, नकुल राम साहू,त्रिवेणी संगम महिला मंडल सकलोर आदि ग्रामीण सम्मिलित होकर गांव में सुख शांति की कामना किया l





