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तिल्दा: वन क्षेत्र की उजडे चमन, जवाबदार अधिकारी मौन, वनपरिक्षेत्राधिकारी के सुस्त रवैया व बड़ी लापरवाही के चलते जंगल हुआ साफ

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भगवान भरोसे हो गया है ,जंगल का सुरक्षा ब्यवस्था।

तिल्दा-नेवरा नितिन कुमार जायसवाल: वनपरिक्षेत्राधिकारी रायपुर के निकम्मेपन का खामियाजा क्षेत्र के जंगली क्षेत्र भुगत रहा है । जंगलों की दुर्दशा देखकर ऐसा महसूस हो रहा है कि मानो संबंधित अधिकारीयो को जंगल को लूटने की खुली छुट दिया गया हो , ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वनपरिक्षेत्र रायपुर के तिल्दा ,खरोरा सहित अन्य संबंधित सीमाक्षेत्र का मानो विभाग के द्वारा ही चीरहरण किया जा रहा हो , क्षेत्रवासियों का मानना है कि पूर्व में पदस्थ रहे डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी के सक्रियता क्षेत्र के लिए एक मिशाल रहा है ,चुंकि वृक्षारोपण से लेकर जंगलों का देख रेख सहित अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा से सजग रहे तात्कालिक डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी का कार्यकाल ‌मे जंगल के कटाई करने वाले माफियाओं पर ऐसा शिकंजा कसा गया था ,कि माफियाओं का अधिकारी के नाम पर पसीना छुटते थे , कहा जा रहा है कि जब से डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी इस क्षेत्र के जवाबदारी से विमुख हुआ ,है तब से मानो जंगल में अराजकता फैला गयी है ,करोड़ों रुपए की लागत से जंगलों को सहेजने संवारने में जो गंभीरता बरती गई थी ,वह सब मानो जमींदोज हो गया ,हजारों पौधे जलकर खाक हो गये, बहुतायत में बहुमुल्य सागौन व अन्य प्रजातियों के पेड़ ,कटते जा रहे हैं , जंगल सुरक्षा के नाम पर लाखों खर्च कर फेंसिंग के जाली तार ,लोहे नदारद हो गये है । वहीं पर अधिकारी के अकर्मण्यता के चलते जंगल का वजुद खोता जा रहा है। वर्तमान में पदस्थ जवाबदार अधिकारियों का जंगल की दुर्दशा को लेकर कोई दायित्व का बोध नहीं होना उनके बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहा है ।चुंकि संबंधित क्षेत्र के जंगलो के सुरक्षा से लेकर देख रेख में इनकी कोई रूची नहीं दिखाई दे रही है जिसके चलते जंगल का दिनों दिन उजाड़ हो रहा हैं , माफिया सक्रिय हो गए हैं । जानकारी मे आया है कि वनपरिक्षेत्र अधिकारी जंगल का मानटरिंग भी नहीं करते ,विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि बीते वर्ष पौधों को सिंचित करने के नाम पर लाखों रुपए का वारा न्यारा कर दिया गया , जवाबदार अधिकारी पर आरोप है कि जंगलों के सुध लेने के बजाय जेब भरने में मशगुह है । ,पौधों का देख रेख नहीं करने से जलकर खाक हो गया और अधिकारी मदमस्त ,कुर्सी में बैठकर नींद भांज रहे हैं।

गिरीश रजक वनपाल तिल्दा

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